मुगल सराय -गाजियाबाद खण्ड पर रेल गाड़ियों का रेला है। दो दिन पहले के कुहासे और माल गाड़ियों की संख्या वृद्धि ने यह रूट चोक कर रखा है। जब गाड़ियाँ ज्यादा हों तो छुट पुट आकस्मिक घटनायें भी बहुत अधिक अस्तव्यस्त कर देती हैं यातायात को। उसके बाद दो प्रकार के काम बढ़ जाते हैं - जो कुछ गड़बड़ हुआ उसका विश्लेषण और दूसरा ठुंसे हुये यातायात को निकालने/धकेलने का कार्य।
कल शिकोहाबाद-इटावा के बीच एक स्टेशन पर 25 केवी के ओवर हेड ट्रांसमिशन के एक खम्भे के टूटने से ट्रेक्शन विद्युत का अवरोध लम्बा चला। उससे बहुत गाड़ियाँ प्रभावित हुईं।
अवरोध के कारण जैसे जैसे यातायात शिथिल होता है, वैसे वैसे मानसिक तनाव बढ़ता है। मानसिक तनाव बढ़ने से मानसिक हलचल कुन्द हो जाती है। मानसिक हलचल कुन्द होने से ब्लॉग पोस्ट बनना-पब्लिश करना सम्भव नहीं हो पाता। शायद सम्भव हो भी तो मन नहीं होता!
सो आज यही कहना है कि आज दुकान बन्द है! कल सवेरे समय पर चलेगी हलचल एक्स्प्रेस!





10Comments so far:
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घर पर ब्लाग मित्र का फोन और गांव की कुंठा
नीरज
कोई नहीं जी कल पढ़ लेंगे.
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