Tuesday, May 20, 2008

आलोक ९-२-११, फटी बिवाई और फॉयरफॉक्स ३-बीटा



फॉयरफॉक्स पर आलोक ९-२-११ ने फरवरी में लिखी अपनी स्पेशल कबीरपन्थी स्टाइल (यानी जिसे समझने के लिये बराबार का साधक होना अनिवार्य है) में पोस्ट। अपनी समझ में नहीं आयी सो उसपर टिपेरे भी नहीं। यह जरूर याद आता है कि पढ़ी थी और उससे फॉयरफॉक्स के उस पन्ने पर भी गये थे जहां से फॉयरफॉक्स ३ बीटा को डाउनलोड करना था। उस पन्ने पर भी डेवलेपर टेस्टिंग जैसे हाई-टेक शब्द थे और डाउनलोड 7MB का था। लिहाजा हम दबे पांव वापस हो लिये थे।

अब आलोक जी ने हमारी ट्रैक्टर वाली पोस्ट में टिप्पणी में कहा है कि फॉयरफॉक्स ३ से फुल्ली जस्टीफाइड टेक्स्ट का फटा फटा नजर आना खतम हो जाता है। यानी फॉयरफॉक्स ३ हिन्दी नेट ब्राउजिंग के लिये इचगार्ड/रिंगकटर/जालिमलोशन या ऐसा कोई मलहम हो गया जो फटी बिवाई ठीक करता है।

हमने दोपहर की नींद, जो बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी से नसीब हुई थी, काट कर पहला काम फॉयरफॉक्स ३ बीटा को इन्स्टॉल करने का किया। और जो सामने आया वह सूपर मस्त था। आप फॉयरफॉक्स ३ बीटा के पहले फटी बिवाई वाला और उसके बाद चमकदार अक्षरों वाला वही पेज फॉयरफॉक्स में देखें। यह एक नये ब्लॉग - पोयम कलेक्शन श्रेय तिवारी का पेज है।

फटी बिवाई वाला पुराने फॉयरफॉक्स में पेज

Before

फॉयरफॉक्स ३ बीटा में स्पष्ट चमकदार दिखता पेज

After

आलोक ९-२-११ की जै। आप लगे हाथ फॉयरफॉक्स ३ बीटा इन्स्टॉल कर लें, अगर पहले ही न किया हो! हां, यह आपके कई ऐड-ऑन गायब कर देता है और उसमें गूगल सर्च भी है!

अब हम होते हैं नौ दो ग्यारह!


11 Comments so far:

PD said...

जय हो, जय हो..
जय हो, जय हो..
जय हो, जय हो..
जय हो, जय हो..
जय हो, जय हो..
:)

नीरज गोस्वामी said...

भईया
यूँ तो अपनी शिक्षा तकनिकी क्षेत्र की है लेकिन अब इतनी अधिक भी तकनिकी नहीं है की आप की पोस्ट समझ पाएं. कोशिश करते हैं अगर कामयाब हो गए तो सूचित करेंगे, वैसे आप जिस की सराहना कर रहें हैं तो यकीनन ये प्रोग्राम उत्तम ही होगा.
नीरज

दिनेशराय द्विवेदी said...

मेरे कम्यूटर में वायरस महाराज को निकालने के लिए कोई महिने भर पहले फार्मेट यज्ञ सम्पन्न करना पड़ा था उस के बाद जो फायरफॉक्स स्थापित हुआ उसमें प्रियंकर जी की पोस्ट सही दिखने लगी थी, जो बकौल उन के खुद के लेफ्ट अलाइन हो कर भी नहीं दिखती थी। अब यह 3-बीटा भी अपग्रेड हो कर 3-बीटा-5 हो गया है। हमने इस में जस्टीफाइड-फुल टेस्ट कर के ही नहीं देखा था। आप की पोस्ट के बाद देखा तो बस आनंद आ गया।
9-2-11 तो हमें भी समझ नहीं आया था। हम तो ज्ञान देने वाले की ही जय बोलेंगे।
जय जय ज्ञान, जय जय ज्ञानदत्त।

अभिषेक ओझा said...

हम तो पहले से किए बैठे हैं :-)

आलोक said...

फ़ायर्फ़ाक्स ३.० बीटा ५ अब रिलीज़ कैण्डिडेट १ हो गया है। यह बीटा से बाहर निकलने की ओर एक कदम है। रिलीज़ कैण्डिडेट १, २, ३ या कम की जाँच होने के बाद फ़ायर्फ़ाक्स ३.० बीटा से बाप बन जाएगा।

रिलीज़ कैण्डिडेट १ आप यहाँ से उतार सकते हैं।

काकेश said...

हम को जलन हो रही है.कि आप बुद्धु पूर्णिमा में ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं और हम ऑफिस में.....बू...हू...हू....

pallavi trivedi said...

achchi jaankari dene ke liye dhanyavaad....

DR.ANURAG ARYA said...

सर जी को एक बड़ा वाला प्रणाम इस बार .......

Udan Tashtari said...

जस नाम तस काम!! आप तो वाकई ज्ञानी टाईप होते जा रहे है. मित्रों के बीच से भाग कर तकनिकि योद्धाओं के अखाड़े में पहुँच लिये. वाह!! बुद्ध पूर्णिमा के दिन आपने नई बुद्धि अर्जित की और हम और बड़े बुद्धू सिद्ध हुए. जय हो, वाकई में.

Ghost Buster said...

बीटा वरजन्स से हम आम तौर पर परहेज ही करते हैं. इसलिए अभी तक इसे इंस्टाल नहीं किया था. मगर अब रिलीज केंडीडेट आ जाने की जानकारी आलोक जी के कमेन्ट से मिली और इंस्टालेशन संपन्न किया. वाकई मार्कड इम्प्रूवमेंट देखने को मिल रहा है इस वर्जन में. नए ब्राऊज़र से ये पहला कमेन्ट आप ही को.

मोजिला की साईट पर मगर एक बात अजीब लगी, ये नया वर्जन अपने आप से कई भाषाओं को सपोर्ट करता है (४५) जिनमें पंजाबी और गुजरती भी शामिल हैं मगर लिस्ट में हिन्दी नहीं दिखी. कारण समझ में नहीं आया.

इतनी काम की जानकारी कई लोगों को मिली क्योंकि आपने ट्रेक्टर वाली पोस्ट में एक मजेदार वाक्य लिखा और बात से बात निकली. कमाल है.

Lavanyam - Antarman said...

Thank you -this is helpful
Rgds,
L