Saturday, July 4, 2009

स्पैम (SPAM) के मायने


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SPAM PIC मैने अपने महाप्रबन्धक महोदय को एक ई-मेल भेजी थी - साढ़े तीन एम.बी. के अटैचमेण्ट के साथ। उनके यह कहने पर कि वह उन्हें मिली नहीं, मैने पुन: प्रेषित कर दी – मुझे अटैचमेण्ट के आधार पर प्रशासनिक सपोर्ट की जरूरत थी। पर दूसरी बार भी उन्हें मेल न मिलने पर अजीब लगा, सो मैं व्यक्तिगत रूप से उनके पास पेन ड्राइव में ई-मेल के अटैचमेण्ट ले कर पंहुच गया।

वहां उन्होने जब अपने ई-मेल को ध्यान से सर्च किया तो पाया कि मेल को, गूगल, स्पैम (Spam) फिल्टर में डाले बैठा था।

तब स्पैम पर चर्चा चली। स्पैम का मतलब क्या है - उन्होंने पूछा। मैने कहा कि स्पैम को मैं कचरे के रूप में ही जानता हूं। यानी, अनायाचित, थोक के भाव भेजी गई ई-मेल। शब्द के मूल के बारे में तो पता नहीं।

Sudesh Kumar
श्री सुदेश कुमार, महाप्रबन्धक, उत्तर-मध्य रेलवे। कल ये प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। और स्क्राइब्स अगर बेहतर तैयारी कर सवाल कर रहे होते तो ज्यादा ऑन-द-रिकॉर्ड निकलवा पाते। Sad Nod
उन्होने ही बताया कि इस शब्द पर उन्होने काफी माथा-पच्ची कर रखी है। यह "Shoulder of Pork and Ham" है। यह हॉर्मल कम्पनी बनाती थी। नाम हुआ करता था - हॉर्मल स्पाइस्ड हैम (Hormel Spiced Ham)। जब इस उत्पाद का मार्केट गिरने लगा तो एक नामकरण प्रतियोगिता के आधार पर यह नया नाम स्पैम (SPAM) रखा गया सन १९३७ में।

स्पैम निश्चय ही कचरा वेराइटी का मांस रहा होगा/है। मैने पढ़ा कि यह अमेरिका में काफी लोकप्रिय है, पर इसे आर्थिक तंगी से जोड़ कर देखा जाता है - यह सस्ता जो है। जो सस्ता और उपेक्षित सो स्पैम! स्पैम को निश्चय ही जंक फूड माना जाता होगा और जंक फूड के समतुल्य जंक मेल। लिहाजा जंक मेल स्पैम हो गया।

अब हमारे साम्य/समाजवादी एक आन्दोलन चला सकते हैं कि कचरा मेल को स्पैम न कहा जाये। सस्ते और लोकप्रिय उत्पाद की छीछालेदर गरीब का अपमान है।

वैसे हम नॉन-लहसुनप्याजेरियन के लिये स्पैम, "स्पैम" हो या चिकेन-कबाब, क्या फर्क पड़ता है। दोनो ही वर्जनीय हैं!

“स्पैम” का चित्र विकीपेडिया के इस पेज से।


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प्रतिक्रियायें :
 

41 महत्वपूर्ण टिप्पणियां:

गिरिजेश राव said...

अच्छी जानकारी। कॉर्पोरेट मेल सिस्टम में साथी कर्मचारियों के मेल स्पैम में नहीं जाते। हाँ, अटैचमेंट साइज पर सीमा है, यदि उस सीमा से अधिक है तो पॉप अप संदेश आता है और मेल जाता ही नहीं।

स्पैम का ओरिजिन जान प्रसन्नता हुई। ढूढ़ कर निकाला है आप ने। हम उत्तर भारतीय हिन्दू सर्वाहारियों के लिए भी त्याज्य है। हमनें अपनी जाति व्यवस्था यहाँ भी फैला रखी है;)

वाणी गीत said...

स्पैम के बारे में जानकारी देने के लिए आभार !!

हिमांशु । Himanshu said...

सही है - "सस्ते और लोकप्रिय उत्पाद की छीछालेदर गरीब का अपमान है।"

एक मजेदार शब्द - ’नॉन-लहसुनप्याजेरियन’ । हम भी इसी श्रेणी के हैं ।

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

मैं तो आजकल अपने मेल बक्से से अनायाचित पोस्ट-लिंक्स को भी स्पैम में डाल देता हूँ। यानि कि जो भाईलोग अपनी पोस्ट की सूचना मेल भेंज कर देते हैं उनकी कोई कायदे की मेल भी भविष्य में मेरे पास नहीं पहुँच पाएगी।

‘नॉन-लहसुन-प्याजेरियन’ बने रहना बाहर जाने पर कैसे सम्भव हो पाता है?

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत बढिया जानकारी मिली स्पैम शब्द की. किन्ही अर्थों में इसे ब्लागिंग पर भी फ़िट बैठाया जा सकता है?:)

रामराम.

डॉ. मनोज मिश्र said...

नॉन-लहसुनप्याजेरियन जैसे कई नई शब्दावलिओं के जन्मदाता के रूप में आप स्थापित हो रहे हैं ,मैं हिंगलिश के कई एक शब्दों को आप से सीख रहा हूँ . . आप द्वारा दिया गया शब्द -ग्लोकल (global+local) भी अब चर्चा में आ गया है.http://manjulmanoj.blogspot.com/2009/04/blog-post_07.html

मीत said...

जानकारी के लिए आभार. और "नॉन-लहसुनप्याजेरियन" जैसे शब्द के लिए भी.

Arvind Mishra said...

अनायाचित या अयाचित !
आपने बहुत जानकारीपरक बात बताई -स्पैम पर तो चर्चा हुयी कभी फिस
पर भी करें !

Arvind Mishra said...

क्या ग्लोकल शब्द सचमुच ज्ञान जी का ही दिया हुआ है -अगर ऐसा है तो क्या कहने !

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

@ श्री अरविन्द मिश्र - ग्लोकल पर मैं अपना इण्टेलेक्चुअल कापीराइट नहीं जताऊंगा! :)

सतीश पंचम said...

वैसे यहां मुंबई मे जमकर बादल बरस रहे हैं। खिडकी के बाहर से बौछारें आ रही हैं....मॉनीटर पर कुछ बूंदे चमकात्मक हो रही हैं और FM पर गाना बज रहा है - टिप टिप बरसा पानी....


ऐसे माहौल में बैठे ठाले स्पैमवा के ओरिजिन की जानकारी अच्छी लगी।

विवेक सिंह said...

अजित वडनेरकर जी के पेट पर लात न मारिये :)

वैसे बहुत अच्छा लगा यह पोस्ट पढ़कर ! धन्यवाद !

ALOK PURANIK said...

ज्ञानजी आपने घणा ज्ञान बढ़ा दिया स्पैम के बारे में। जय हो।

Vivek Rastogi said...

अब पता चला ये स्पैम क्या होता है ।

Anil Pusadkar said...

लहसून,प्याज तो शुरू हो गया है मगर कवाब से दूरी बनी हुई है।

Nirmla Kapila said...

इस बडिया जानकारी के लिये आभार्

cmpershad said...

अब लहसन और प्याज़ स्पैम में नहीं आते।:)

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

नित नये शब्दों के रचियता को मेरा प्रणाम

महामंत्री - तस्लीम said...

स्पैम विश्लेषण ज्ञानवर्द्धक लगा। शुक्रिया।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

बी एस पाबला said...

नॉन-लहसुनप्याजेरियन

:-D

राज भाटिय़ा said...

अच्छी जानकारी दी आप ने, लेकिन हम स्पेम मै भी एक नजर डाल लेते है उसे डिलीट करने से पहले,

Dr. Bhaskar said...

इस संदर्भ में साम्य/समाजवादी का ज़िक्र निरर्थक व अनुचित लगा।

महेन्द्र मिश्र said...

स्पेम का अर्थ जाना यानि की कचरा मेल ....

उन्मुक्त said...

शायद यह सच है कि यह शब्द मांस से जुड़ा है पर अन्तरजाल के परिपेक्ष में यह दूसरे कारण से आया। यह कारण विकिपीडिया में यहां विस्तार से लिखा है।

अशोक पाण्डेय said...

वैसे भी हमारे यहां गूगल के स्‍पैम में पश्चिम का ही कचरा ज्‍यादा रहता है :)

नीरज गोस्वामी said...

नयी जानकारी मिली हमेशा की तरह आपके ब्लॉग से...धन्यवाद.
नीरज

संजय बेंगाणी said...

यानी स्पैम को जितना गया गुजरा समझता था, उतना है नहीं.... :)

शब्द घड़ने में मास्टर हो गए हैं आप :) जय हो...

P.N. Subramanian said...

ज्ञान वर्धन हुआ. आजकल हमारे वर्डप्रेस ब्लॉग पर कुछ अच्छी टिप्पणियों को भी स्पेम में डाल दिया जाता है.

नितिन व्यास said...

एक और हिन्गलिश शब्द मुझ से ले लिजीये - मौकाटेरियन, ये मेरे उन मित्रों के लिये है जो सामान्यत: शाकाहारी टीटोटलर रहते हैं लेकिन मौका (मुफ्त में) मिलने पर पाला बदल लेते हैं।

वीरेन्द्र जैन said...

राजनीति वाले इसे अर्जुन सिंह अटल बिहारी जार्ज फर्नान्डीज़ आदि का नाम भी दे सकते हैं

रंजन said...

आज यहाँ भी शब्दों का सफर हो गया.. मेरा सामन्य ज्ञान बढ़ा.. आभार..

spam की फोटो बदली है या मेरी नजरें धोखा खा रही है.. शायद सुबह मैने कोइ और फोटो देखी थी..

sanjay vyas said...

देशाटन पर एक नॉन लहसुन प्याजेरियन .कैसे काम चलाया इस पर एक पोस्ट आ जाये.

Amit said...

हाँ तो आप जैसे शाकाहारी नॉन लहसुनप्याजेरियन लोग इस बात पर भी हल्ला कर सकते हैं कि कचरा ईमेल को वेजिटेरियन बनाया जाए और मांसाहार से न जोड़ा जाए! ;)

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

" स्पैम " की निर्मात्री कँपनी पहले अपने उत्पाद के शब्द के दुरुपयोग से बहुत त्रस्त थी किँतु अब, बुरा नहीँ मानते हुए,
अमरीका के आर्थिक तँगी के दिनोँ मेँ,
बढचढ कर पुन: विज्ञापन देने मेँ व्यस्त है -
और "ग्लोकल" शब्द से जुडी
कई दुविधाएँ आज आम हो चली हैँ -
आप "नोनप्याजलहसुनिया टाइप "
हैँ ये आज ही पता चला :) जी ..

क्योँ ना, सौ. रीता भाभी जी से , आपकी पारँपारिक कुछ रेसिपी शेर करवाई जाये ?
हमेँ भी लाभ होगा -
- लावण्या

venus kesari said...

’नॉन-लहसुनप्याजेरियन’
भविष्य में आपको निमंत्रित करेंगे तो ये बात बहुत काम आयेगी :)

आज आपकी फोटो अखबार में देखी आई नेक्स्ट में :)
वीनस केसरी

प्रवीण पाण्डेय said...

अब तो स्पैम में और भी जाने की इच्छा नहीं होगी । हम लोग भी एक नामकरण प्रतियोगिता कर लें कुछ शब्दों के लिये ।

जितेन्द़ भगत said...

रोचक जानकारी रही स्‍पैम के बारे में।

दर्पण साह "दर्शन" said...

110 CAROD KI AABADI MAIN HUM BHI SPAM HUA CHAHTE HAIN...

DONO HI TARIKE KA !!

JAISA AAPNE BATAYA AUR JAISA APKO LAGA !!

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

स्पैम के बारे में जानकारी देने के लिए बहुत बहुत बधाई....

अभिषेक ओझा said...

तो स्पैम यहाँ से आया !

Udan Tashtari said...

स्पैम पर पोस्ट: स्पैम बॉक्स में ही फीड चली गई..अब पढ़ पाये-बताईये.

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