Saturday, November 14, 2009

प्लास्टिक डिस्पोजल


एक महत्वपूर्ण टिप्पणी प्रिय सत्येन्द जी की है -
जैसा कि आपके लेख से विदित हुआ कि प्लास्टिक को एक गड्डे में डाला गया है एवं उस पर रेत दल दी गयी है , यह पूर्ण समाधान नही है!
प्लास्टिक भविष्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. उम्मीद करता हूँ आपने प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थो का, उचित विचार के साथ पूर्ण समाधान किया है!
Plastic Waste गंगा तट पर बिखरा प्लास्टिक का कचरा
सत्येन्द्र जी सही कह रहे हैं। प्लास्टिक का जैविक क्षरण अगले ८०-१०० सालों में नहीं होने जा रहा। और जो क्षरण होगा भी उसके लिये प्रकाश और वायु की आवश्यकता है। लिहाजा खुले लैण्डफिल में इसका सही प्रकार से डिस्पोजल ही उपाय है।

पर उससे कहीं बेहतर है कि प्लास्टिक का री-साइकलिंग किया जाये। सड़क बनाने और फर्नीचर निर्माण में प्रयोग सम्म्भव हैं। मैने ग्रमीणों को सन की बजाय पॉलीथीन के रेशे बना उससे रस्सी बुनते देखा है। कुछ उससे चटाई या दरी बनाते हैं। नया शब्द है क्रेडल-टू-क्रेडल (Cradle to cradle) निर्माण – जिसमें सब कुछ री-साइकल हो जाता है। प्लास्टिक के साथ वैसा हो सके तो कितना अच्छा हो।

बायो-डीग्रेडेबल प्लास्टिक की भी चर्चा है। जहां सामान्य प्लास्टिक ८०-१०० साल लेगा क्षरण में, बायो डीग्रेडेबल प्लास्टिक १८-३८ महीने में जैवीय पदार्थ में बदल जायेगा। पर उस क्षरण के लिये भी उपयुक्त परिस्थितियां चाहियें और वैसा न होने पर बहुत समय लग सकता है। कुल मिला कर बायो-डीग्रेडेबल प्लास्टिक अभी वाणिज्यिक तौर पर खरा नहीं उतरा है।     


यह पोस्ट पब्लिश करने का औचित्य मात्र यह है कि आज १४ नवम्बर के दिन मेरी उपस्थिति दर्ज हो जाये। अन्यथा, गर्दन के दर्द और काम के बोझ के चलते मन रिक्त सा है। चलें, दफ्तर वाले फोन करने की श्रृंखला शुरू करने जा रहे हैं – ट्रेन गाड़ियों के परिचालन की पोजीशन देने की!

42 Comments so far:

हिमांशु । Himanshu said...

सही है, आपकी अनुपस्थिति बेचैन करती है । जैसे आपको सुबह-सुबह गंगा-सैर लुभाती है, हमें आपकी प्रविष्टियाँ !

कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee said...

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ|

श्यामल सुमन said...

सही कहा आपने। रिसाइकिलिंग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं दिखता। मैंने तो सुना है कि यदि प्लास्टिक को मिट्टी के भीतर भी दबा दिया जाय तो करीब ३०० साल लगते हैं उसे पुनः मिट्टी बनने में।

जन्म दिवस की बहुत बहुत बधाई।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

गिरिजेश राव said...

जन्मदिन की बधाई फिर से दे रहे हैं। ये ऐसी है कि न देते अघाएँ और न लेते।
शीघ्र स्वस्थ होइए, यही कामना है।
________
उपस्थिति दर्ज पोस्ट पिछले पोस्टों से किसी मायने में कम नहीं है। री-साइकलिंग, क्रेडल-टू- क्रेडल, बायो डिग्रेडेबल प्लास्टिक - इतना तो सुनाय बताय गए !

वाणी गीत said...

जन्मदिन मुबारक हो ...!!

अनूप शुक्ल said...

बाल दिवस पर ज्ञान दिवस के बहाने जन्मदिन की मंगलकामनायें।

खुशदीप सहगल said...

ज्ञान जी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं....चाचा नेहरू की जयंती की खुशी दुगनी हो गई...

जय हिंद...

Udan Tashtari said...

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ|


इसके डिस्पोजल के लिए रीसाईकिल प्रबंधन पर आंख गड़ायें...वो बेहतर समाधान है.

श्रीश पाठक 'प्रखर' said...

श्रीमान जी; आपको जल्दी से स्वस्थ होना होगा....

जन्मदिन की अनगिन बधाइयाँ...

जरूरी है प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग और उसका पुनर्संसकरण.."

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

ज्ञान भाई साहब,
साल गिरह पर आपको शुभकामनाएं -
आगामी वर्ष, थकान कम हो,
मौज रहे और मन भी प्रफुल्लित हो
ये दुआ है --
आपकी हर पोस्ट ,
सोचने का सामान देती है --
- घर पर सभी को बधाई --

सादर
-- स स्नेह,
- लावण्या

जी.के. अवधिया said...

आज प्लास्टिक हर चीज का विकल्प बन चुका है किन्तु यह भी सही है कि इसका डिस्पोजल बहुत ही मुश्किल है। रीसायकलिंग ही सबसे अच्छा विकल्प है।

हर्षवर्धन said...

ज्ञान जी
जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। आपकी बाल सुलभ जिज्ञासाएं कभी शांत न हों।

प्लास्टिक डिस्पोजल से बात ये समझ में आई कि हम पहले बड़ी-बड़ी मुश्किलें खुद खड़ी करते हैं फिर उनका हल खोजने में उससे ज्यादा दिमाग लगाते हैं। खैर, यही मानव स्वभाव है।

प्रवीण पाण्डेय said...

जन्मदिवस की शत शत बधाईयाँ ।
प्लास्टिक का कचरा ऐसे घरों की नींव में भी डाला जा सकता है जहाँ पर सीलन की समस्या है । इस प्रकार प्लास्टिक के गुण का उपयोग किया जा सकता है ।

संजय बेंगाणी said...

जानकर खुशी होगी कि भारत प्लास्टिक को रिसाइकल करने में बाकी देशों से कहीं आगे है.
दुसरा पहलू यह भी है कि आम नागरीक प्लास्टिक को सही सही ठीकाने नहीं लगाता. भूमि के बाँझ होने का खतरा है.

संजय बेंगाणी said...

शतायू की कामना.

Nirmla Kapila said...

बहुत अच्छी पोस्ट है जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई

नितिन | Nitin Vyas said...

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ|

Anil Pusadkar said...

ज्ञान जी आप जियें हज़ारो साल,
साल के दिन हो पचास हज़ार्।

बहुत-बहुत बधाई और आज से बाल दिवस हमारे ज्ञान दिवस भी हो गया।शीघ्र स्वास्थ हों यही कामना है।और आपकी उपस्थिति वाली पोस्ट भी कम नही है।

शिवम् मिश्रा said...

पाण्डेय जी, आपको जन्मदिन की बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

सतीश पंचम said...

ज्ञानजी,

सोच रहा हूँ कि जन्मदिन पर स्नेह से सेचुरेटेड - संतृप्त बधाई ( आपकी ही 15 Nov 2007 की पोस्ट से ) बधाई दी जाये या नहीं। दे दूं तो आपका पर्सोना बिगडने का डर है और न दूँ तो मेरा पर्सोना :)

इसलिये मेरी ओर से जन्मदिन की बधाई ले ही लें :)

काजल कुमार Kajal Kumar said...

डंडे के पीर हैं हम...जब तक प्लास्टिक डिस्पोज़ल की प्रकिया को लाठी से हांका नहीं जाएगा हमारा कुछ नहीं हो सकता (और न ही प्लास्टिक का)...

रंजना said...

सचमुच plastik को nasht करने के upaay पर yadi gambheerta से vichaar न किया गया तो निकल bhavishy में यह भी ann और paanee के sankat से kamtar gambheer saktak न होगा....

जन्मदिन की anant शुभकामनायें....

Ratan Singh Shekhawat said...

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ

अजित वडनेरकर said...

ज्ञानदा को हैप्पी बड्डे।
प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर बढ़िया पोस्ट है।
जै

अभिषेक ओझा said...

जन्मदिन की शुभकामनायें !
रीडर में 'मानसिक हलचल' में अनरेड पोस्ट नहीं दिखती तो आशंका होने लगती है. जल्दी स्वस्थ होइए वो जरूरी है.

विवेक सिंह said...

ज्ञानदत्त जी हो गये, चौवन साला आज ।

करत रहें ब्लॉगिंग सदा, कभी न आयें बाज ॥

कभी न आयें बाज, दुआयें लगें हमारी ।

करते ब्लॉगर-श्रेष्ठ बिलागिंग सबसे न्यारी ॥

विवेक सिंह यों कहें, मचाते मन में हलचल ।

इलाहबाद में बसें, सुनें गंगा की कलकल ॥

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी said...

सर्वप्रथम , आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें ... ...
इश्वर से यह प्रार्थना करता हूं कि '' पितामह भीष्म सरीखा
आपका आशीर्वाद '' हम सब को और ब्लॉग जगत को सदैव
मिलता रहे | आप स्वस्थ और सानंद रहें |

पर्यावरण के लिए आपका यह विचार कि
'' प्लास्टिक का री-साइकलिंग '' हो ,बहुत सही है |
प्लास्टिक का उपयोग भी हो जायेगा और समस्या
आसन हो जायेगी |

पुनः ,जन्म दिन की शुभकामनायें ...
धन्यवाद् ...

इष्ट देव सांकृत्यायन said...

उपायम उत्तमम अस्ति..

राज भाटिय़ा said...

हम तो पहले ही दे चुके, लेकिन फ़िर से आप को
जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ|

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ|

cmpershad said...

कविताजी को धन्यवाद कि पाण्डेय जी के जन्मदिन की याद दिलाई। हमारी दुआएं विवेक सिंह जी के छक्के के साथ जोडी जायें:) शीघ्र स्वास्थ लाभ करें :)

PD said...

Many many happy returns of the day Sir. :)

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ।

बच्चे आज बाल दिवस के साथ-साथ आपके जन्म दिन की मिठाई भी मांग रहे हैं। आपकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए उन्हें शिवकुटी के बजाय सिविल लाइन्स ले जा रहा हूँ।

वागीशा और सत्यार्थ की ओर से भी हैप्पिबड्डे बोला जा रहा है। इधर ‘टूटी-फूटी’ की भी बधाई लें।

कार्तिकेय मिश्र (Kartikeya Mishra) said...

जन्मदिन की सादर बधाई स्वीकारें गुरुदेव...

और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनायें भी

त्वम जीवेम शरदं शतम...

प्रवीण शाह said...

.
.
.
आदरणीय ज्ञानदत्त पाण्डेय जी,
जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें,
प्लास्टिक जब आया था तब पैकिंग में कागज, गत्ते और लकड़ी का चलन था तब यह कहा गया कि प्लास्टिक से जंगल और पर्यावरण बचेगा, अब प्लास्टिक खुद ही समस्या बन गया है... पर मेरा पूरा भरोसा है मानव जाति के ऊपर... जल्द ही इसका भी निदान हो जायेगा।

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

गंगा मैय्या मे जब तक पानी रहे
तब तक आपकी जवानी रहे

जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामना

sanjay vyas said...

जन्‍मदिन की शुभकामनाएं.

venus kesari said...

ज्ञानदत्त पाण्डेय जी, आपको जन्मदिन की बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं!!

राजू मिश्र said...

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामना

राजू मिश्र said...

पाण्डेय जी. न जाने क्यों कम्पूटर जी आपको जन्मदिन की बधाई देने में हर बार बाधा खड़ी कर रहे हैं.आपका ब्लॉग जितना जानदार है उतना ही शानदार है आपका परिचय. एक बार फिर से बधाई स्वीकारें.
राजू मिश्र

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

Your post has motivated me to start the work on "Plastic bug" again. Few years back I discovered beetles having capacity to eat as well as digest polythene. These beetles were not plastic eater by nature but when I sprayed the extract of plants on which they feed usually, on polythene they consumed it. I reported it through national newspaper but later I preferred to work more on herbs than plastic bug. I will try to collect the beetles this year again to carry this work forward.

Happy Birthday Gyan ji.

रंजन said...

दिल्ली में प्लास्टिक से सड़क बनाने का प्रयोग काफि सफल रहा है.. एसा बताते है.. अगर एसा है तो ये बहुत उपयोगी साबित हो सकता है..